yoga ke fayde in hindi

योग करने से क्या फायदा होता है(yoga karne se kya fayda hota hai)

 

yoga karne se kya fayda hota hai – योगा के एक नही अनेक फायदे हैं। योगा शरीर, मन और बुद्धि को स्वस्थ व प्रसन्न रखता है। साथ ही यह मनुष्य को तेजस्वी एवं ओजस्वी बनाता है। व्यक्ति के प्रसन्न होने से उसके सभी कार्य सुचारु रूप से सम्पन्न होते है। व्यक्ति के जीवन में खुशी का संचार हो जाता है। योगा व्यक्ति को महान बना देता है। उसके कार्य करने की शैली, सोचने की शैली, निर्णय लेने की शैली को योगा बदलकर रख देता है। प्रतिदिन योग करने मात्र से मनुष्य के सभी कलेश मिट जाते हैं। मनुष्य का तन व मन शुद्ध हो जाता है।

जिस व्यक्ति का तन व मन शुद्ध हो उसका कोई क्या बिगाड़ सकता है। ना ही कोई बीमारी उसे छू सकती है, ना ही कोई अवगुण। ऐसा व्यक्ति समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाता है।

लोग ऐसे व्यक्ति के उदाहरण देने लगते है। जिस कारण उस व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ती है। और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने का अर्थ है कि समाज में उस व्यक्ति की ख्याति का विस्तार होना।

योग क्या है (yoga kya hai)

yoga का अर्थ है, जोड़ना अर्थात शरीर के माध्यम से आत्मा को ईश्वर से जोड़ना ही योग का अर्थ  व लक्ष्य है। योग भारतीय सभ्यता का प्रतीक है। यह शरीर को बीमारियों से लड़ने सक्षम व सुदृढ बनाता है। यह विचारों में शुद्धता लाता है। जिसके विचार शुद्ध हो गये उसे महान बनने से कोई नहीं रोक सकता है।

योग का महत्व क्या है (yoga ka kya mahatva hai)

yoga का इतिहास भारतीय प्राचीन परम्परा से है। पहले के समय में ऋषि-मुनी योग के सहारे अनेक शक्तियाँ अर्जित कर लेते थे। ऐसा कर के वे उन्हे समाज कल्याण में उपयोग करते थे। योग सिद्ध हो जाने से ईश्वर प्राप्ति की जा सकती है। योग ईश्वर प्राप्ति करने के विकल्पों में एक विकल्प है। योगा शरीर व मन पर पूर्णतः संतुलन प्रदान करता है। शरीर को एकदम स्वस्थ व लचीला बना देता है। योग दर्शन महान ऋषि पतांजलि द्वारा लिखा गया है।

ऐसा माना जाता है कि मनुष्य के शरीर में करोड़ो नस-नाडियाँ है। जो बहुत ही शुक्ष्म अवस्था में है। जिन्हे देखा नहीं जा सकता हैं। लेकिन योग की मदद से इन नस-नाड़ियों पर नियंत्रण किया जा सकता है। यह तो सभी जानते हैे कि हमारा शरीर बहुत महीन व सूक्ष्म कणों से मिलकर बना है। ऐसे में योग के द्वारा हम इस क्रिया को समझ सकते है।

बहुत से लोग योगा का मतलब सिर्फ शरीर के अंगों खींचना भर समझते हैं। लेकिन जो ऐसा सोचते हैं वे बिल्कुल गलत है। योग का सत्य तो इससे बिल्कुल अलग है। योगासन करने से शरीर स्वस्थ व मजबूत होता है।

शरीर स्वस्थ व मजबूत होगा तभी कोई कार्य अच्छे से सफल होगा। क्योंकि शरीर व मन की कमज़ोरी ही असफलता का कारण बनती है। इसलिए योग को भारत में जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। योगासन के अलावा प्राणायाम भी योग का ही एक हिस्सा है।

यह भी पढ़े – शिक्षा का उद्येश्य व अर्थ

प्राणायाम का महत्व (pranayam ka mahatva)

प्राणायम करने से मन व शरीर स्वस्थ, सुंदर, ऊर्जा-वान व हर्ष से भर जाता है। यह मुख-मंडल का तेज व ओज बढ़ाता हैं। प्राणायम करने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का संतुलन ठीक रहता है। जिससे कई श्वास संबद्धी बीमारियाँ स्वतः ही ठीक हो जाती है। कपालभांति, भस्त्रिका, अनुलोम विलोम आदि प्राणायम के ही प्रकार है। इन्हे प्रतिदिन कुछ समय के लिए करने मात्र से अच्छे अनुभव प्राप्त होते है। प्राणायम करने के फायदे

  • श्वास संबद्धी रोग ठीक हो जाते है।
  • नाक के रोग ठीक होते है।
  • कान के रोग ठीक होते है।
  • गले के रोग ठीक होते है।
  • हृदय संबंधी रोगों का नाश होता है।
  • पेट के रोग ठीक होते है।

इसके अलावा भी प्राणायम करने से विभिन्न प्रकार के रोगों का नाश स्वतः ही हो जाता है। लेकिन, इसके ये  फायदे तभी मिलते है। जब हम योगा प्रतिदिन समयानुसार सही तरीके व योग नियम से करते है।

सुबह व शाम का समय योगा के सबसे अच्छा होता है। अगर कोई सुबह योगा नही कर पाता तो वह शाम को योगा अभ्यास कर सकता है। इसके अलावा अच्छा आहार की भी जरूरत होती है। क्योकिं योगाभ्यास करने से शरीर की बहुत सी ऊर्जा नष्ट होती है। इसलिये अच्छे भोजन की जरूरत पड़ती है।

yoga karne ke niyam(योग करने का नियम)

योग करने के नियम एक महत्वपूर्ण प्रश्न हैं। जैसा कि हमने अभी बताया है कि प्रातकाल का समय सबसे अच्छा होता हैं। इसके अलावा अगर आप  प्रातःकाल योग नहीं करना चाहते तो सायकाल भी कर सकते हैं। ध्यान रखे कि सुबहःशाम खाली पेट योग करें। अगर शाम को योग करे तो कम से कम 3-4 घंटे पहले तक कुछ ना खायें। अगर दोपहर को भोजन किया तो शाम को 5-6 बजे योग कर सकते हैं। क्योंकि भोजन को पचने में 4-5 घंटे का समय लगता हैं। आप चाहे तो पेय पदार्थ (जूस,चाय,कॉफी आदि) योग करने से 1 घंटे पहले तक ले सकते है।

  • योग सुबह व सायकल ही करे।
  • कोशिक करे कि खाली पेट व्यायाम करे।
  • योग करने से पहले एक बार फ्रेश(शोच आदि) कर ले।
  • योग करने का स्थान बवादार, स्वच्छ व शान्त हो।
  • चटाई अथवा गद्दे का प्रयोग योग करने में करे।
  • बुखार आदि की स्थिति में योगाअभ्यास ना करे।
  • शरीर में किसी प्रकार गंभीर बीमारी होने पर expert की सलाहा में अभ्यास करे।
  • हल्के वस्त्रों में ही योगाअभ्यास करे।
  • योगासन करने के कम से कम 30 मिनट बाद खाये ।
  • व्यायाम करने के बाद पेशाब जाये।
  • तुरन्त स्नान ना करे। कम से कम 30 बाद स्नान करे।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like