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SEO Kya Hota Hai: Search Engine Optimization Kaise Kare in Hindi

Seo Kya Hai in Hindi

इस पोस्ट में SEO Kya Hai, और Search Engine Optimization Kya Hai के बारे में बिन्दुवत सरलता से समझाया गया है। इसमें एस ई ओ के टाइप- ऑन पेज, ऑफ पेज, टेक्निकल के बारे में संक्षेप बताया गया है।

SEO(सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन): एक ऑनलाइन मार्केटिंग स्किल है; इसमें ऑर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त करने के लिए गूगल सर्च इंजन के नियमों को समझकर वेबसाइट एवं कंटेंट को मैनेज(ऑप्टिमाइज) किया जाता है। ऑप्टिमाइजेशन की यह विधि ऑन पेज एसईओ कहलाती है। जबकि, रेफरल ट्रैफिक सार्स के लिए ऑफ पेज एसईओ तरीका अपनाया जाता है। एसईओ बिल्कुल फ्री इंटरनेट मार्केटिंग मेथड है।

SERP में वेबसाइट रैंकिंग एसईओ पर निर्भर करती है; क्योंकि एसईओ ऑप्टिमाइजेशन द्वारा गूगल को कंटेंट क्वालिटी के बारे में सूचित किया जाता है। यदि किसी वेबसाइट पर गुड कंटेंट लिखा गया है, परंतु एसईओ अच्छे से नहीं किया गया है तो, उस वेबसाइट के गूगल में रैंक करने की संभावना कम हो जाती है। 

SEO Kya Hai(एसईओ क्या है)

  • SEO का पूरा नाम सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन है। इसे फ्री इंटरनेट मार्केटिंग स्किल भी कहते है।
  • SEO के माध्यम से एक वेबसाइट की सामग्री को  SERP(सर्च इंजन रिजल्ट पेज) की पहली सूची में रैंक करने का प्रयास किया जाता है। ताकि वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक में वृद्धि हो जाये। इस प्रक्रिया में ऑन पेज व ऑफ पेज तकनीक का प्रयोग किया जाता है।
  • SEO कंटेंट को सही रूप में व्यवस्थित करके लोगों को रेप्रेसेंटेशन करना का आधुनिक स्किल है। 
  • इसका उद्देश्य कंटेंट को किसी कीवर्ड सर्च पर SERP सूची में प्रथम पेज के शीर्ष 10 में स्थान प्राप्त करना होता है।
  • SEO तीन प्रकार के स्तर- ऑन पेज ऑप्टिमाइजेशन, टेक्निकल ऑडिट एवं ऑफ साइट प्रमोशन पर कार्य करता है।
  •  एस ई ओ का प्रयोग वेबसाइट, मोबाइल ऐप और वीडियो चैनल की फ्री ऑनलाइन मार्केटिंग करने में किया जाता है। 
  • एसईओ करने से कंटेंट पर 6 माह के भीतर ऑर्गेनिक ट्रैफिक आना शुरू हो जाता है। कुछ केस में मनचाहे लाभ प्राप्त करने के लिए 1 वर्ष तक समय भी लगता है। इसलिए इस प्रक्रिया में धैर्य रखना पड़ता है। 
  • यह बिना धन खर्च करें इंटरनेट पर लम्बे समय तक विज्ञापन करने का अनोखा विकल्प है।
  • लोकल बिजनेस की ग्रोथ को गति देने के लिए यह बेस्ट ऑनलाइन मार्केटिंग टूल है।

Search Engine Optimization Kya Hai- Online Marketing Tarika

SEO Ka Full Form Kya Hai (एस ई ओ का फुल फॉर्म क्या है)

अंग्रेजी में SEO का फुल फॉर्म- Search Engine Optimization, और हिन्दी में- सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन है।

SEO Ke Types (एस ई ओ के टाइप)

Seo के टाइप-

  • ऑन पेज एस ई ओ
  • ऑफ साइट/ऑफ पेज एस ई ओ
  • टेक्निकल एस ई ओ
  • ग्रे हैट एस ई ओ
  • ब्लैक हैट एस ई ओ
  • एडवांस एस ई ओ

On Page SEO Kya Hai(ऑन पेज एस ई ओ क्या है)

ऑन पेज एस ई ओ वह तरीका है जिसमें वेबसाइट के अन्दर स्ट्रक्चर और कंटेंट में बदलाव किया जाता है। ताकि कंटेंट को अच्छे से यूजर के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। ऑन पेज एस ई ओ करने का उद्देश्य कंटेंट की गुणवत्ता में सुधार करना होता है।

ऑन पेज एस ई ओ तकनीक –

  • इंटेंट(Intent) कीवर्ड रिसर्च के अनुसार कंटेंट निर्माण करना।
  • संक्षेप में मेटा टाइटल लिखने का ज्ञान होना।
  • एंकर टेक्स्ट की सहायता से समान विषय के इंटरनल पेजो को कनेक्ट करना।
  • कंटेंट रीक्रीएट द्वारा अनुपयोगी कंटेट में बदलाव कर के उसे सरलता से पढ़ने योग्य बनाकर
  •  पर्याप्त इमेज साइज बनाना एवं उसके लिए Alt टैग डिस्क्रिप्शन लिखना।
  •  मेटा टैग्स का सही जगह उपयोग करना।
  •  वेबमास्टर कंसोल में वेबसाइट को इंडेक्सिंग के लिए जमा करना। ताकि वेबसाइट और सर्च इंजन रोबॉट के बीच व्यवहार को समझा जा सके।

On Page SEO Kaise Kare

ऑन पेज एस ई ओ करने के लिए दो चीजों की आवश्यकता पडती है पहला पर्सनल अनुभव एवं दूसरा एस ई ओ टूल्स। सबसे पहले वेबसाइट का गूगल टूल्स की सहायता से ऑडिट कर ले। इससे वेबसाइट में टेक्निकल खामियों का पता चल जाता है। मेटा टैग्स ऑपटिमाइजेश के लिए पेड औजार- SEMrush, Moz का प्रयोग कर सकते है। जिनकी वेबसाइट वर्डप्रेस पर है उनके लिए योस्ट प्लगइन बेस्ट है। यह पल्गिन किसी भी वेबसाइट पेज को ऑन पेज एसईओ स्कोर का आकलन करके उसे सूचकांक के रूप में प्रदर्शित करता है।

ऑन पेज एस ई ओ स्कोर चेक करने के लिए टूल्स-

  • गूगल पेज स्पीड स्कोर चेक
  • गूगल सर्च कंसोल(वेबमास्टर)
  •  गूगल एनालिटिक्स
  •  गूगल Lighthouse ऑडिट

 

Off-Page SEO Kya Hai

Off Page SEO: अनपेड(बिना धन के) ऑनलाइन मार्केटिंग का खास तरीका है। यह डिजिटल मार्केटिंग का अंग है। इसके द्वारा वेबसाइट, वीडियो चैनल और मोबाइल ऐप पर मौजूद कंटेंट की इंटरनेट पर ब्रांडिंग की जाती है। इस प्रक्रिया को  लिंक बिल्डिंग कहते है।  

ऑफ पेज एसईओ में वेबसाइट के इंटरनल स्ट्रक्चर एवं कंटेंट के साथ कोई छेड़खानी नहीं की जाती है; केवल उसका ई-विज्ञापन किया जाता है। इसका उद्देश्य कंटेंट को इंटरनेट यूजर्स तक पहुंचाना होता है। ताकि लोग कंटेंट संबंधी जानकारी से परिचित हो सके। यह मेथड एक वेबसाइट का अन्य वेबसाइट के साथ ऑनलाइन नेटवर्किंग रिलेशन स्थापित करता है। फलस्वरूप, SERP(सर्च इंजन रिजल्ट पेजस) में ऑर्गेनिक कंटेंट प्रथम पेज पर रैंक करने लगता है। इसके अलावा, ऑफ पेज एसईओ से रेफरल ट्रैफिक प्राप्त होता है।

Off Page SEO Kaise Kare

ऑफ पेज एसईओ करने के लिए इंटरनेट की अच्छी समझ होना आवश्यक है। कॉम्पीटीटर की जानकारी प्राप्त कर लेना इसका प्रथम चरण है। उसके पश्चात वेबसाइट की ऑथोरिटी बढ़ाने के लिए फेमस backlinks स्ट्रेटेजी का ज्ञान प्राप्त कर ले। क्योंकि,समय के साथ backlinks तकनीकी बदलती रहती है। इसके अलावा, प्रसिद्ध लिंक स्पैम डिटेक्टर गूगल एल्गोरिथ्म पेंग्विन कार्य प्रणाली समझ ले। लिंक बिल्डिंग करते समय स्पैम से सदैव दूर रहे। वर्तमान एसईओ में बेस्ट ऑफ पेज तकनीक के नाम इस प्रकार है।

Off Page SEO Techniques 

  • ई-मेल आउटरीच(Email Outreach)
  • गेस्ट पोस्ट बिल्डिंग
  • सोशल मीडिया कंटेंट शेयरिंग
  • स्ट्रांग प्रोफाइल क्रिएशन
  • प्रेस मीडिया रिलीज
  • इंटरनेट  इन्फ्लूएंसर आउटरीच
  • कम्युनिटी नेटवर्क बिल्डिंग
  • नीश रिलेवेंट फोरम पार्टिसिपेशन
  • इन्फोग्राफिक्स लिंक बिल्डिंग
  • इमेज शेयरिंग

Black Hat SEO Kya Hai

यह एस ई ओ करने का एक शॉर्टकट तरीका। यह अल्प समय में सफलता प्राप्त करने के लिए है। इसमें लिंक बनाते समय सर्च इंजन के दिशानिर्देशों के विपरीत कार्य किया जाता है। इसका उद्देश्य वेबसाइट को किसी कीवर्ड पर कम समय में टॉप की रैंक प्रदान करना होता है। ताकि अधिक वेबसाइट ट्रैफिक प्राप्त किया जा सके।

लेकिन ब्लैकहैट एस ई ओ लंबे समय के लिए श्रेष्ट तकनीक नहीं है। क्योंकि सर्च इंजन की एल्गोरिदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के पैटर्न पर कार्य करती है। इसलिए किसी भी प्रकार के स्पैम गतिविधि को शीघ्र ही पकड़ लेती है, और उस वेबसाइट को पैनेल्टी कर देती है।

ब्लैक हैट एसईओ के उदाहरण-

  • पीबीएन (प्राइवेट ब्लॉग नेटवर्क)
  • कीवर्ड स्टफिंग- एक जैसे कीवर्ड को बार बार रिपीट करना।
  •  क्लोकिंगयूजर को डेस्टिनेशन पेज से किसी दूसरे पेज पर रीडायरेक्ट कर देना।
  •  कंटेंट को छुपा देना।(Text Hiding)
  •  टेक्स्ट को धुंधला कर अपठनीय बना देना।
  •  बहुत सारे पेज को दूसरे यूआरएल पर रीडायरेक्ट करना।(Bulk Redirection)

ब्लैक हैट एसईओ के नुकसान-

  •  सर्च इंजन द्वारा वेबसाइट पैनेल्टी।
  •  टेंपरेरी/परमानेंट वेबसाइट बैन होना।
  • इंटरनेट से वेबसाइट डि-इन्डेक्स हो जाना।

 वेबसाइट कीवर्ड रैंकिंग का डाउन हो जाना। जिससे ऑर्गेनिक ट्रैफिक कम हो जाता है।

Advanced Seo Kya Hai

फेमस डिजिटल मार्केटिंग ब्लॉग Moz के अनुसार, एडवांस्ड एसईओ(Advanced SEO): एक एसईओ तकनीक का सेट है, जिसमें एक्सपर्ट लेवल का ज्ञान जरूरी होती है। एडवांस्ड एसईओ में एडवांस्ड टेक्नीकल कॉन्सेप्ट होते है, जिनके लिए गूगल एल्गोरिदम कार्यशैली की गहरी(Deep) समझ आवश्यक है।

साधारण शब्दों में कहे तो, एडवांस्ड एसईओ गूगल की एल्गोरिदम कार्यशैली को समझकर(Observe) कर, टेक्निकल स्किल को मजबूत करना है। जिसने सर्च इंजन गूगल की कार्य शैली को समझ लिए, वह व्यक्ति एडवांस एसई कहलाता है। कोई भी व्यक्ति लगातार ब्लॉग स्टडी कर के एसईओ का अभ्यास करे तो एक्सपर्ट हो जाता है।

Best SEO Blogs Kon Se Hai

 बेस्ट SEO ब्लॉग के नाम ये सब है:

 

Frequently Asked Questions(FAQs)

यह भी पढ़े- On Page SEO in Hindi : क्या है, कैसे करे कम्पलीट जानकारी

2 Comments
  1. Pavan 2 महीना ago
    Reply

    Thank You for the information…There is no need to search again

  2. Kumar Abhishek 3 महीना ago
    Reply

    Dear Sir
    Wow! What a comprehensive article, thanks so much for the great advice. I’ve just started what I thought was a niche site about Neuro Linguistic Programming but maybe I didn’t niche down enough.
    Keep up the great work & inspiring
    Regards
    Kumar Abhishek

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