seo

Search Engine Optimization In Hindi – सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन, On Page, Off Page SEO short Explanation

Search Engine Optimization In Hindi - Explanation

इस पोस्ट में Search Engine Optimization In Hindi, SEO Kya Hai, On Page SEO Kya Hota Hai, Off Page SEO Optimization Kya Hota Hai इन सभी की व्याख्या की गई है।    

 

हिंदी में seo करना आसान है। यह एक time taking process है। इसके परिणाम long term मे दिखाई पड़ते है। लगातार कार्य करना एवं धैर्य बनाकर रखना पड़ता है। केवल एक keyword आपको बहुत अधिक सेल्स देकर बिजनेस में मुनाफा देता है। यह सब फ्री की ऑनलाइन ब्रांड मेकिंग तकनीक है। 

seo एक ऐसी तकनीकी है जिसके द्वारा हम google search engine में अपनी वेवसाइट या ब्लॉग को टॉप पोज़ीशन पर रैंक करा सकते है। जिससे हमारी वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक आने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए वेबसाइट की कंटेन्ट राइटिंग व keyword research बहुत महत्वपूर्ण है।

#1-SEO Kya Hai (एस ई ओ क्या है)

इंटरनेट की दुनिया में, SEO(Search Engine Optimization)– ऑनलाइन अनपेड मार्केटिंग का आधुनिक स्किल है। जिसमें वेबसाइट एवं इसके कंटेट को सर्च इंजन के निर्देशानुसार optimize किया जाता है। इसका उद्देश्य किसी खास कीवर्ड पर कंटेंट लिखकर उसे लोगो तक पहुँचाना है। किसी एईओ का लक्ष्य SERP के प्रथम टॉप-10 सर्च रिजल्ट में अपनी पोजीशन स्थापित करना होता है। इस तरीके से वेबसाइट को फ्री ऑर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त हो जाता है।

एस ई ओ में विभिन्न रेफेरल वेबसाइट और सोशल मीडिया नेटवर्क के माध्यम से भी ट्रैफिक उत्पन्न किया जाता है। इसके लिए लिंक बिल्डिंग तरीकों से SERP में वेबसाइट इम्प्रेशन को बढ़ाया जाता है। ऐसा करने से CTR(Click Through Rate) बढ़ जाता है। जिससे वेबसाइट की ऑनलाइन पहचान में वृद्धि होने से रैंकिंग सुधार होता है। आर्गेनिक ट्रैफिक ज्यादा मात्रा में प्राप्त होने लगता है।

लिंक बिल्डिंग से साइट की अथॉरिटी अच्छी होती है। सर्च इंजन रिजल्ट यानी SERP में अच्छी रैंक मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

SEO करने के दो तरीके है। पहला On-Page SEO, दूसरा Off-Site SEO. ये दोनो तकनीकी वेबसाइट रैंकिंग सुधार और ब्रांड मेकिंग में प्रयोग किये जाते है। 

#2-On Page SEO Kya Hota Hai?

On Page SEO- का अर्थ है कि, वेबसाइट स्ट्रक्चर के भीतर आवश्यक बदलाव करना। इस तकनीक में कंटेंट को मेटा टाइटल, डिस्क्रिप्शन, हेडिंग, बुलेट पॉंट्स, वाक्य लम्बाई आदि को उचित व्यवस्था किया जाता है। ताकि, वेबसाइट की हेल्थ व गुणवत्ता बेहतर हो जाये। 

इंटरनल लिंकिंग के द्वारा सम्बंधित पेजो को जोडकर यूजर्स को ज्यादा सहायक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। सर्च इंजन मेटा टैग्स के माध्यम से ही किसी पेज को सर्च करता है। इसलिए, मेटा टाइटल और मेटा डिस्क्रिप्शन लिखने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। गूगल सर्च इंजन के नियमों के अनुसार ऑन पेज एस ई ओ किया जाता है।

 

SEO On Page Optimization Checklist

 महत्वपूर्ण ऑन पेज चेक लिस्ट इस प्रकार है।

  • Meta Title Optimization
  • Meta Description Optimization
  • Meta Keywords Optimization
  • Xml Sitemap Optimization
  • Robots.txt File Optimization
  • 404 Error Page Optimization
  • URL Structure Optimization
  • Image Alt Tag Optimization
  • Heading Tags Optimization
  • Favicon Optimization
  • SSL Certificate(HTTPS) Optimization
  • Page Redirecting Optimization
  • Website Page Speed Optimization
  • Mobile Friendly Test Optimization
  • AMP(Accelerated Mobile Pages) Optimization
  • Google Search Console Optimization
  • Google Analytics Optimization

 

 

यह सब On Page SEO Checklist है। इनके प्रयोग से वेबसाइट की त्रुटियां मिटाकर उसे यूजर्स के लिए लाभदायक बनाया जाता है। 

वैसे तो आजकल बहुत सारे On Page SEO Tools उपलब्ध है। जहां से आप कुछ ही मिनटो में अपनी वेबसाइट का ऑन पेज ऑडिट कर सकते है। ये टूल्स फ्री एवं paid version में उपलब्ध है। 

 

On Page SEO Tools – फ्री एवं पेड टूल्स

इसके अलावा भी बहुत सारे टूल्स व एक्सटेंशन उपलब्ध है। इसमें मुझे ahrefs and Moz बहुत पसंद है। इन सब टूल्स की सहायता से हम अपनी वेबसाइट की हेल्थ व ऑन पेज स्कोर बहुत ही बेहतर कर सकते है। जिन लोगों को Technical Seo की जानकारी नहीं है, वो भी इन टूल्स की सहायता से On Page Optimization आसानी से कर सकते है।

#3-Off Page SEO Optimization Kya Hota Hai?

Off Page SEO- एक बिना पैसे खर्च का ऑनलाइन मार्केटिंग प्रमोशन तरीका है, जिसके जरिये किसी वेबसाइट की ब्रांड Link Building की जाती है। इस प्रक्रिया में इंटरनेट पर उपस्थित अनेको रिलेवेंट वेबसाइट पर backlinks बनाकर सर्च इंजन को सूचित किया जाता है। सर्च इंजन के लिए, वेबसाइट पेज लिंक्स एक रैंकिंग सिग्नल का कार्य करता है। वेबसाइच पेजो के बीच Link Juice पास होने के कारण रैंकिंग बूस्ट हो जाती है। इस विधि द्वारा डोमेन की अथॉरिटी को इंप्रूव किया जाता है। 

लिंक बिल्डिंग करते समय एक बात का ध्यान रखना चाहिए। कि हमें उन वेबसाइट पर लिंक बनाना चाहिए। जिनकी website authority अच्छी हो साथ ही spam score कम हो। इसके अलावा हमें अपने वेबसाइट से संबंधित Niche साइट पर ज्यादा backlinks बनाने चाहिए।

 

Best Off Page SEO Techniques – Hindi Mein

  • Email Outreach Submission.
  • Article Submission.
  • Profile Creation Submission.
  • Guest Posting Submission.
  • Web 2.0 submission.
  • Blog Commenting.
  • Image Submission.
  • Infographic Submission.
  • PPT Creation and submissions.
  • Forums Submission.
  • Social Bookmarking Submission.
  • Directory submission.
  • Business Listing.
  • Classified Ads Submission.
  • Local Business Listing Submission.
  • Custom Domain Submission.
  • Tier Linking Submission.
  • Social Media Sharing.

 

ये कुछ महत्वपूर्ण Off-Page SEO तरीके है। इसके अलावा भी अन्य बहुत से तरीके है। हम इन सब तरीकों से अपनी वेबसाइट के लिए backlinks ले सकते है। इनमे से सबसे ज्यादा फेमस Guest Posting व Article Submission है। आजकल लोग इन्हे ज्यादा पसंद करते है।

#4-Backlinks Kya Hai Hota Hai?

Backlinks ऐसे URLs लिंक्स होते है, जो एक वेबसाइट से दूसरी वेबसाइट की ओर रेफेरल संकेत करते है। Internal और External इनके दो टाइप है। ये लिंक सर्च इंजन को किसी वेबसाइट की ऑनलाइन स्थिति नेटवर्क को दर्शाते है। एक जैसे Niche के हाई डोमेन अथॉरिटी बैकलिंक्स बनाने से वेबसाइट रैंकिंग पर सकारात्मक फर्क पड़ता है। ऑफ पेज एस ई ओ में बैकलिंक्स की रेलेवेंसी ज्यादा मैटर करती है। 

उदाहरण- अगर मैं xyz वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बनाता हूं, और उस पर अपनी वेबसाइट my knowledge का URL add कर देता हूँ। यदि कोई यूजर मेरी xyz प्रोफाइल पर जा कर मेरी वेबसाइट के URL पर क्लिक करता है। तो वह my knowledge वेबसाइट पर पहुंचेगा। इस प्रकार के लिंक को Incoming Backlinks कहते है। 

किन्तु, मेरी वेबसाइट पर क्लिक करने से यूजर किसी दूसरी वेबसाइट पर जाता है। तो उसे External Backlinks कहते है।

Backlink Kaise Banate Hai?

बैकलिंक्स बनाते समय हमें backlinks quality का ध्यान रखना चाहिए। बेकार क्वालिटी के बैकलिंक्स बनाने के नुकसान हो सकते है। बैकलिंक्स दो प्रकार के होते है। dofollow, और nofollow backlinks. Dofollow लिंक्स बनाने से लाभ मिलता है। ऐसे लिंक्स गूगल मे index हो जाते है। बैकलिंक्स बनाने के लिए ईमेल आउटरीच सबसे अच्छा तरीका है। गेस्ट पोस्ट और सोशल मीडिया शेयरिंग बैकलिंक्स के अच्छे स्रोत है

 

#5-SEO के फायदे कितने समय बाद मिलते है?

SEO एक time taking process है। इसके परिणाम लम्बे समय में मिलते है। हमें थोड़ा धैर्य बना कर लगातार अपना काम करना चाहिए। साधारणतः 3 महीने से 1 वर्ष में एस ई ओ के फायदे मिलने लगते है। संपूर्ण लाभ लेने के लिए 2 वर्ष तक लग जाते है। लेकिन, वेबसाइट का कंटेंट इन्फॉर्मेशनल और सहायक होना चाहिए।

कंटेंट क्रिएशन सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। क्योंकि कंटेंट की गुणवत्ता यूजर्स के प्रश्नों के संतुष्टिजनक उत्तर देने वाली होनी चाहिए। सर्च इंजन हमेशा कंटेंट की क्वालिटी चेक करता है। उसके पश्चात वह SERP में कंटेंट को रैंकिंग प्रदान करता है। 

#6-Content Optimization Kya Hota Hai

कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन में, एसईओ ऑडिट के माध्यम से ये सब चेक किये जाते है-

  1. कीवर्ड डेंसिटी और इसकी मैपिंग।
  2. वाक्यों में ग्रामर नियमों की अनदेखी।
  3. शब्दकोश त्रुटियां।
  4. हेडिंग और सब हेडिंग टैग का स्ट्रक्चर – H1, H2, H3, H4, H5, H6, etc.
  5. महत्वपूर्ण वाक्य के लिए बुलेट और नम्बर पॉंट्स का प्रयोग।
  6. हाईलाइट बिंदु का प्रयोग।
  7. कंटेंट की EAT(Expertise, Authoritativeness, and Trustworthiness).
  8. टॉपिक की डेफिनेशन की एक्सप्लेनेशन।
  9. इमेज ऑप्टिमाइजेशन- Alt Tag, साईज, टाइटल, डिस्क्रिप्शन।
  10. इंटरनल लिकिंग पेज एंकर टेक्स्ट के साथ।
  11. एक्सटर्नल लिंक with Nofollow Tags.

More SEO Relevant Topics-

SEO Kya Hota Hai

Google Adsense Account Approval Guide Hinde Mein

Top SEO Interview Questions and Answers Hindi Mein

1 Comment
  1. porno 9 महीना ago
    Reply

    You made some decent points there. I did a search on the subject and found most guys will agree with your blog. Millie Gan Mark

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like