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Off Page SEO in Hindi | Off Page SEO Kya Hai पूरी जानकारी

Off Page SEO in Hindi

इस पोस्ट में हमने Off Page SEO Hindi में क्या, उसकी तकनीक, लाभ, स्कोप और आवश्यकता के बारे में अच्छे से समझाने का प्रयत्न किया है। 

Off Page SEO kya hai?

ऑफ पेज एसईओ(Off Page SEO) डिजिटल मार्केटिंग में ऑनलाइन प्रचार करने का वर्तमान स्किल है, इंटरनेट पर ऑफ पेज एसईओ स्ट्रेजी द्वारा छोटे-बड़े सभी प्रकार के बिजनेस की पब्लिक अवेयरनेस की जाती है ताकि ब्रांड रेप्यूटेशन में वृद्धि हो सके। 

इसके अलावा सर्च इंजन की नजर में विश्वास बनाने के लिए ऑफ पेज एसईओ में विभिन्न वेबसाइट से रेफरेल सम्बन्ध(लिंक बिल्डिंग) बनाया जाता है ताकि टॉप SERP रैंकिंग से ऑर्गेनिक यूजर्स प्राप्त किये जा सके। हालांकि लिंक बिल्डिंग के माध्यम से स्पेशल अनऑर्गेनक(Inorganic) ट्रैफिक सार्स भी बनाया जाता है। ऑफ पेज एसईओ किसी वेबसाइट अथवा कंटेंट को तेजी से ऑनलाइन प्रोमोट(वायरल) करने का एक विश्वसनीय मार्केटिंग उपाय है।

 

Off Page SEO ke type kon se hai?

ऑफ पेज एसईओ प्रमुख रूप से दो प्रकार का होता है, लोकल एवं ग्लोबल एसईओ। लोकल एसईओ में आसपास के कुछ किलोमीटर क्षेत्र का एरिया कवर किया जाता है, वही ग्लोबल एसईओ में किसी खास देश से लेकर इंटरनेशनल लेवल तक का क्षेत्र के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग की जा सकती है।

 

Off Page SEO kaise karte hai?

ऑफ पेज एसईओ करने के लिए वेबसाइट यूआरएल अथवा कंटेंट द्वारा सेम नीश(Niche) की वेबसाइट के साथ बैकलिंक्स बनाये जाते है। इसके लिए इमेज, इन्फोग्राफिक्स, पॉडकास्ट, ऑडियो-वीडियो, एवं अन्य दस्तावेजों के द्वारा इंटरनेट पर कंटेंट डिस्ट्रीब्यूट किया जाता है। ऑफ पेज करते समय स्पैम एक्टिविटी से हमेशा बचना चाहिए नहीं तो सर्च इंजन गूगल वेबसाइट को पेनल्टी लगा सकता है जिससे वेबसाइट रैंक नीचे चली जाती है।

 

Backlink kya hota hai?

ऑफ पेज एसईओ में किसी वेबसाइट कंटेंट को जिन तरीकों के माध्यम से इंटरनेट पर उपस्थित अन्य वेबसाइट के साथ लिंक किया जाता है उसे बैकलिंक्स/लिंक बिल्डिंग कहते है। यह बिल्कुल ऐसा है जैसा नये लोगो से जान पहचान स्थापित करना। बैकलिंक्स चेक लिस्ट में विभिन्न प्रकार के डायरेक्ट और इनडायरेक्ट स्ट्रेटेजी अपनायी जाती है जिनमे इमेज, ऑडियो, वीडियो, और टेक्स्ट के द्वारा लिंक बिल्डिंग की जाती है।

 

Kya jyada backlinks banane se website spam ho jati hai?

नहीं। ऐसा तो नहीं होता है, वास्तव में ज्यादा बैकलिंक्स बनाने का लाभ तब होता है जब बैकलिंक्स अच्छे क्वालिटी को हो, एसईओ में बैकलिंक्स की संख्या से ज्यादा उसकी गुणवत्ता अधिक लाभ प्रदान करती है। इसलिए सर्च इंजन भी उच्च गुणवत्ता बैकलिंक वाले डोमेन को सर्च रैंकिंग में प्राथमिकता देता है

 

Off Page SEO checklist ke naam bataiye.

वर्तमान एसईओ चेक लिस्ट में ईमेल आउटरीच, क्लासिफाइड एड्स, और आर्टिकल सबमिशन का चलन है। इन सब के अलावा अन्य ऑफ साइट तरीके इस प्रकार है-

  • कम्युनिटी नेटवर्क बिल्डिंग(Community Network Building)
  • इमेज सब्मिशन(Image Submission)
  • लोकल बिजनेस लिस्टिंग(Local Business Listing)
  • पिंग सब्मिशन(Ping Submission)
  • इन्फोग्राफिक्स(Infographics)
  • सोशल मीडिया नेटवर्किंग शेयरिंग(Social Media Sharing)
  • पॉडकास्ट सब्मिशन(Podcast Submission)
  • ओरल वेबसाइट मेंशन(Oral Web Mention)
  • सोशल बुकमार्किंग(Social Bookmarking)
  • फोरम डिस्कशन(Forum Discussion)
  • ब्लॉग कमेंट(Blog Comments)
  • प्रोफाइल क्रिएशन(Profile Creation)
  • ईमेल मार्केटिंग(Email Marketing)

 

OFF Page SEO karna kyu jaruri hai?

ऑफ पेज एसईओ करने का कॉन्सेप्ट वास्तविक जिंदगी की तरह है जिस तरह किसी व्यक्ति की सोसाइटी में ज्यादा जान पहचान होने से उस व्यक्ति की विश्वसनीयता अधिक होती है, उसी प्रकार वेबसाइट ऑफ पेज एसईओ करने से सर्च इंजन की नजर में उस वेबसाइट की विश्वसनीयता बढ़ जाती है। दूसरे शब्दों में कहे तो ऑफ पेज करने से दूसरी वेबसाइट हमारी वेबसाइट को रेफर वेबसाइट के रूप में रिकमेंड करती है। इससे वेबसाइट की डोमेन एवं पेज ऑथोरिटी में वृद्धि होती रहती है, नई वेबसाइट के लिए ऑफ पेज एसईओ एक वरदान की तरह है, हालांकि पुरानी वेबसाइट के लिए भी यह आवश्यक है। गेस्ट पोस्ट ऑफ पेज तकनीक का प्रयोग करके कम समय में वेबसाइट की अथॉरिटी बढ़ाई जाती है, बाद में धीरे-धीरे वेबसाइट गूगल में रैंक भी करने लगती है।

ऑफ पेज एसईओ द्वारा ऑर्गेनिक, अनऑर्गेनिक एवं रेफरल प्रकार का यूजर्स ट्रैफिक प्राप्त किया जा सकता है।

 

Kya OFF Page SEO karna mandatory hai?

नहीं, ऑफ पेज एसईओ करना मैनडेटरी तो नहीं है, बिना ऑफ पेज करे भी वेबसाइट को सर्च इंजन में रैंक किया जा सकता है। ऐसी बहुत सारी वेबसाइट इंटरनेट पर मौजूद है जो बिना ऑफ पेज एसईओ के ऑर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त कर रही है। परंतु ऑफ पेज करने से कम समय में अधिक मार्केटिंग लाभ प्राप्त किये जा सकते है जो बिजनेस ग्रोथ के लिए अच्छा साबित होते है।

 

Off Page SEO ka scope bataye.

देखये। ऑफ पेज एसईओ का स्कोप लम्बे समय तक डिमांड में रहने वाला है। जब तक इंटरनेट का प्रयोग होता रहेगा तब तक ऑफ पेज एसईओ स्किल ऑनलाइन मार्केटिंग में प्रयोग होता रहेगा। फ्री मार्केटिंग मेथड होने के कारण यह तकनीक बिजनेस क्षेत्र में लोकप्रिय बनी रहेगी। ऑफ पेज के अच्छे स्कोप का एक अन्य कारण यह भी है कि जिन वेबसाइट अथवा मोबाइल एप पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक नही आता, उनके लिए ऑफ पेज एसईओ से रेफरल ट्रैफिक भेजा जा सकता है। इसलिए इसकी तकनीक का भविष्य बहुत ही ब्राइट है। 

 

Kya Off Page SEO se dhan kamaya ja sakta hai?

हाँ, बिल्कुल कमाया जा सकता है, इसके लिए अपने कंटेंट को मोनेटाइज कर ले। फिर ऑफ पेज एसईओ तकनीक से बैकलिंक्स बनाने शुरू करें, विशेष रूप से क्लासिफाइड एंड, बिजनेस लिस्टिंग, बुकमार्क सब्मिशन, सोशल मीडिया शेयरिंग और डारेक्टरी सब्मिशन पर फोकस करें; इन तरीकों से अच्छा खासा यूजर्स आने की संभावना रहती है। कंटेंट अच्छा होने पर पोपुलारिटी बढ़ जाती है, फिर ऑडियंस डायरेक्ट रीच करने लगती है, और धीरे-धीरे ऑर्गेनिक ऑडियंस भी शुरू हो जाती है। कंटेंट मोनेटाइजेशन में एडसेंस नेटवर्क, स्पॉन्सरशिप और एफिलिएट मार्केटिंग के तरीके सेलेक्ट किये जा सकते है। आप चाहे तो ऑफ पेज एसईओ के द्वारा इन तीनो मोनेटाइजेशन तरीकों का प्रयोग कर मल्टीपल सोर्स से धन लाभ ले सकते है।

 

Beginner Off Page SEO kaise sikhe?

बिगनर्स के लिए ऑफ पेज एसईओ सीखने के दो तरीके है पहले किसी डिजिटल मार्केटिंग इंस्टीट्यूट से कोर्स कर ले अथवा ऑनलाइन कोर्स खरीदे। दूसरा तरीका सेल्फ लर्निंग का है इसमें अपनी वेबसाइट बना ले उस पर कंटेंट लिखना शुरू करें और एसईओ एक्सपर्ट ब्लॉग को रेगुलर फोलो करते रहे। उसके पश्चात एक्सपर्ट द्वारा बताई गई सभी बातो को अपने ब्लॉग पर अप्लाई करते रहे। समस्या आने पर गूगल अथवा यूट्यूब पर चीजों का समाधान खोजें, और सोशल मीडिया पर एसईओ कम्युनिटी ग्रुप से भी जुड़े।

 

SEO LinkBuilding ke result kitne din me milte hai?

देखो, लिंक बिल्डिंग एक टाइम टेकन प्रोसेस है, इसमें कुछ महीनों से लेकर 1-2 वर्ष का समय लग जाता है। लिंक बिल्डिंग करते समय स्पैमिंग से बचना होता है वरना गूगल पेंग्विन एल्गोरिदम द्वारा पेनल्टी लग सकती है। इसलिए लिंक बिल्डिंग का परिणाम स्लो प्रोसेस में थोडा-थोडा मिलता रहता है। हालांकि क्वालिटी बैकलिंक बनाने से डोमेन की Moz अथॉरिटी प्रत्येक माह में बढ़ती रहती है। इससे गेस्ट पोस्ट और लिंक एक्सचेंज जैसे अवसर प्राप्त होने की संभावना बढ जाती है। और रेगुलर एवं गुड सार्स लिक बिल्डिंग से रेफरल ट्रैफिक तुरंत प्राप्त होने की भी संभावना बढ़ती है।

यह भी पढ़े-  On-Page SEO Kya Hai,Kasie kare

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