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मानसिक तनाव(stress) क्या है, लक्षण कारण व कैसे दूर करें:उपाय

how to remove tension in hindi

यह लेख उन लोगो के लिए है जो How To Remove Tension In Hindi में मानसिक तनाव पर पोस्ट खोजते है। आज प्रत्येक व्यक्ति Mansik Tanav से परेशान है, जिसके कारण वह किसी भी कार्य(रोजगार, पढाई, व्यवसाय, गृहस्थ जीवन) आदि को सही ढ़ग से नही कर पा रहा है। बहुत सारे लोग पूछते है कि Mansik Tanav Ko Kaise Dur Karen, आज इस प्रश्न Mansik Tanav Dur Karne Ke Upay का संक्षेप में उत्तर देने का प्रयास करेंगे। मानसिक तनाव को अंग्रेजी में Mental Tension या Tension कहते हैं।

मानसिक तनाव क्या है(What is mental stress/depression/tension)

मानसिक तनाव(Depression/stress) एक बहुत ही गंभीर किस्म की स्थिति हैं। जिसमें व्यक्ति हमेशा चिंता में खोया रहता है। परिणाम स्वरूप उसका किसी भी काम धंधे में मन नहीं लगना, वह बहुत ही निराश व अकेला महसूस करता है। व्यक्ति को अपना जीवन बोझ दिखाई देने लगता है। आजकल लगभग हर एक व्यक्ति तनाव(tension) से ग्रस्त हैं। इसका कारण हमारी आधुनिक लाइफस्टाइल हैं। आज के समय में मनुष्य बहुत अधिक व्यस्त हो गया है जिस कारण उसका मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य बेकार होता जा रहा।

वर्तमान काल में मनुष्य पर सिर्फ अधिक से अधिक पैसा व शोहरत कमाने का जुनून सवार है। युवाओं के बीच बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। माता-पिता अपने बच्चो के भविष्य के लिए हमेशा चिंतित रहते हैं। लोगों का मानना है कि अगर अच्छा रोजगार होगा तो जीवन भी अच्छा होगा। यह बात कहाँ तक सही है कहा नहीं जा सकता । लेकिन पैसा जीवन का के लिए बेहद जरुरी है यह बात सत्य है। क्योंकि पैसा बहुत सी समस्याओं का समाधान हैं। मानसिक तनाव दूर करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय इस पोस्ट में उल्लेख किये गये हैं।

Mansik Tanav Ko Dur Karne Ke Liye कुछ Upay नीचे, Upay 1 से Upay 8 तक क्रम से दिये गये है।

मानसिक तनाव दूर करने के उपाय(solution of depression/stress/tension)

मानसिक तनाव दूर करने के उपाय इस प्रकार हैं- 

Upay 1- प्रतिदिन योग, प्राणायम एवं ध्यान 

मन व शरीर को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने के लिए प्रातःकाल या सांयकाल को 30 से 60 मिनट तक योग, प्राणायम एवं ध्यान करे। यह क्रिया प्रतिदिन व सच्चे भाव के साथ करने से 15 से 30 दिन में मस्तिष्क्ष तथा शरीर में नई ऊर्जा, स्फूर्ति, मानसिक शांति व शारीरिक शक्ति का अनुभव होता हैं। मनुष्य के जीवन में योग, प्राणायम के अनके फायदे हैं। जिन्हे धारण कर लम्बे समय तक लाभ लिया जा सकता हैं।

 Upay 2- सरल व सात्विक भोजन ग्रहण करे

भोजन हमारे शरीरे के लिए अतिआवश्यक ऊर्जा एवं शक्ति का स्त्रोत हैं। विभिन्न भोज्य पदार्थो के लाभ व हानि इनके गुण पर निर्भर करता हैं। आयुर्वेद के अनुसार शरीर में कफ, पित्त व वात के असंतुलन के कारण मानसिक एवं शारीरिक रोगो का जन्म होता हैं। अतः जिस प्रकार का भोजन हम करते है, उसी प्रकार की हमारी मानसिकता एवं शरीर पर प्रभाव दिखाई देता हैं। इसलिए तनाव को दूर करने के लिए सात्विक भोजन के रूप में हरी सब्जियाँ, दही, खीर, दुग्ध, फल ग्रहण करें। 

Upay 3- 7 से 8 घंटे की भरपूर निद्रा अति आवश्यक

दिनभर मानसिक व शारीरिक परिश्रम करने से मनुष्य का शरीर ऊर्जा हृास होने के कारण थक जाता हैं। इसकी पूर्ति के लिए हमें विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व युक्त भोजन की आवश्यकता होती हैं। इस भोजन से निकलने वाली यह ऊर्जा निद्रा काल में शरीर के सभी अँगो की कोशिकाओ के अन्दर आये किसी भी प्रकार के विकार एवं नुकसान की भरपाई कर उसे ठीक कर देती हैं। साथ ही शरीर को नई ऊर्जा से भर देती हैं।  इस क्रिया का पूर्ण लाभ लेने के लिए 7 से 8 घंटे की निद्रा अवश्य ले। 

Upay 4- मनोरंजन कलाओ व विद्या को अपनाये

मनुष्य को अपने जीवन में तनाव दूर करने व  खुशहाली पाने के लिए गायन, नृत्य, चरित्रकारी, वाद्ययन्त्र, हास्यकला आदि किसी भी प्रकार की मनोरंजन कला को अपनी दिनचर्या में जोड़ना चाहिए। ऐसा करने से मन शांत होकर बुरे तनावयुक्त विचारो से मुक्त हो जाता हैं और अन्तःकरण को शान्ति व आनंद का भाव प्राप्त होता हैं।  

Upay 5- खुली हवा में क्रीडात्मक गितविधियाँ करे

खुले हवादार स्थान में कोई भी क्रीडा- फुटबॉल,कबड्डी, बैडमिंटन खेले। ऐसा करने से  मानसिक तनाव दूर हो जाता है, शरीर के गंदे व जहरीले तत्व पसीने के रूप में बाहर निकल जाते है। रक्त संचार सुचारु रूप से कार्य कर शरीर तथा मन को स्वस्थ व शांत बना देता हैं।

Upay 6- परिवार के सभी सदस्यों को समय दे

इंटरनेट व मोबाइल तकनीके ने मनुष्य के जीवन को नकारात्मक रूप से बड़े स्तर पर प्रभावित किया हैं। इंटरनेट सस्ता हो जाने से मोबाइल फोन का प्रयोग बहुत अधिक बढ़ गया है, अतः मोबाइल फोन के कारण जो नुकसान मानसिक स्तर पर बच्चो व युवाओ को हो रहे है उसका समाधान करना मुश्किल प्रतीत होता हैं। इस तनावग्रस्त जीवनशैली से मुक्ति पाने के लिए अपने परिवार के सदस्यो के साथ कुछ समय निकालकर उनसे बातचीत, हँसी मजाक, मनोरंजन एवं अवकाश दिनो में यात्रा करें। ऐसा करने से मस्तिष्क्ष तनाव नष्ट हो जाता हैं। जीवन में आनंद व उल्लास का अनुभव होता हैं।

Upay 7- प्रकृति के सौंदर्य से जुड़े

प्रकृति जीवनदायनी एवं सुखदायनी होने के साथ इसका अद्भुत व अकल्पनीय सौंदर्य प्रत्येक जीव को स्वतः ही अपनी ओर आकर्षित करता हैं। झरने, वृक्ष, पशु-पक्षी, जंगल, निदियो प्राकृतिक दृश्य के आकर्षक सुन्दरता से सभी प्रकार के चिंतन व तनवा क्षण भर में समाप्त हो जाते हैं। ऑक्सीजन से युक्त शुद्ध हवा शरीर की चेतना में नई ऊर्जा विकसित कर देती हैं। जिससे वयक्ति के मन को संतुष्टि व आनंद का अभूतपूर्व अनुभव होता हैं और सभी प्रकार की टेंशन मिट जाती हैं। 

Upay 8- अध्यात्म को जीवन में शामिल करे

अध्यात्म का अर्थ है कि, वयक्ति के स्वंय का बोध व ज्ञान होना। अपने स्वभाव और प्रवृत्ति को समझने के लिए यह एक ऐसा विज्ञान है जिसके द्वारा मनुष्य अपने मस्तिष्क एवं शरीर को अपने वश में कर सभी प्रकार के रोगो व दोषो पर विजय प्राप्त कर सकता हैं। इसलिए अध्यात्म से जुड़ने मात्र से व्यक्ति गलत कार्यो से दूर हो जाता है और  उसकी मानसिकता सकरात्मक हो जाती है। इससे चिंताये कम होकर मनुष्य को आनंदमय जीवन का अनुभव होता है।

तनाव से मुक्ति में संगीत का महत्व

संगीत एक ऐसी विद्या व कला है जो प्रत्येक बीमारी व मानसिक तनाव को दूर कर सकती हैं। संगीत के द्वारा मस्तिक्ष व हृद्य को अच्छा अनुभव होता हैं। अतः संगीत सुनना व संगीत गायन से अच्छे मस्तिष्क हार्मोन स्रावित होते है, जो मनुष्य शरीर के विभिन्न अंग को ठीक करना व सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर तनाव का विनाश करता हैं। संगीत मन प्रफुल्लित कर देता हैं एवं जीवन को नई दिशा प्रदान करता हैं। यह व्यक्ति के मन व हृदय को उमंग से भरकर नकारात्मक विचारों का नाश व सकारात्मक विचार उदय करता हैं।

मानसिक तनाव के लक्षण

मानसिक तनाव के लक्षण इस प्रकार है-

  • उदास अथवा हमेशा निराश रहना।
  • कम नींद आना।
  • हमेशा चिड़चिड़ा रहना।
  • बहुत अधिक क्रोध आना।
  • किसी भी कार्य में मन ना लगना।
  • रात को सोते समय बेचैनी महसूस होना।
  • भ्रमित रहना।
  • दिनभर कल्पना में खोये रहना।
  • आत्मविश्वास का लगातार कम होना।
  • भूख कम लगना।
  • लम्बे समय तक बहुत अधिक डरपोक बने रहना।
  • अकेलापन महसूस करना।
  • लोगो व करीबियों से बातचीत बंद या कम कर देना।
Mansik Tanav Ke Karan
Mansik Tanav Ke Karan.

मानसिक तनाव क्यों होता है: कारण

मानसिक तनाव होने के बहुत से कारण हैं। इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के इस युग में मनुष्य की जीवनशैली बहुत ही अस्त व्यस्त हो गयी है। आज मनुष्य के जीवन में समय की कमी महसूस होती है। लोग ज्यादा से ज्यादा सुख सुविधा पाने की होड़ में लगे हैं।

इसके लिए वे अधिक से अधिक पैसा कमाने के तरीके खोजते रहते हैं। वे समझते है कि आधुनिक सुख सुविधाओं को अपनाने से जीवन खुशहाल होगा। लेकिन ऐसा नहीं हो पाता। सारी सुख सुविधा पाने पर भी लोगों की चिंताएं समाप्त नहीं होती है। ऐसा नहीं है कि केवल पैसा ही तनाव का कारण है। वे सभी लोग जो संपन्न अथवा अमीर है वो भी तनाव से कही ना कही ग्रस्त हैं। 

मनुष्य अपनी न्यूनतम जरूरतों से अधिक सब कुछ पा लेना चाहता है। यही मानसिक तनाव का कारण बनता हैं। इसलिए मानसिक तनाव होता है। Mansik Tanav Ke Karan इस प्रकार है-

  • पैसे की कमी होना।
  • बेरोजगारी
  • मस्तिष्क पर होने वाले सोशल मीडिया के नुकसान
  • गंभीर बीमारी से लम्बे समय तक ग्रस्त रहना।
  • पारिवारिक समस्या का निवारण ना होना
  • ऋण संबद्धी सम्सयाँ।
  • वैवाहिक समास्यो का होना।
  • मनचाहा करियर या रोजगार न मिलना।
  • परीक्षा में असफल होने का भय होना।

 ज्यादा टेंशन लेने के नुकसान

ज्यादा टेंशन लेने से मनुष्य की स्मृति में विकार आना, अधिक आलस्य आना, उदास जीवन, सदा नकारात्मक विचार आना, जीवन दुःख प्रतीत लगना, आचार विचार खराब हो जाना, अकेले रहना, घबराहट अनिद्रा, व्यक्तियों से झगडा करना, काल्पनिक दुनिया में खोये रहना, लगातार पेट खराब रहना, हृदय की धड़कन तेज होना, तेजी से वजन कम होना, लगातार सोचने की बीमारी, कुछ भी करने का मन नहीं करता इत्यादि ज्यादा टेंशन लेने के नुकसान हैं।

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