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Self Confidence Kaise Badhaye: आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय, तरीके

Self Confidence Kaise Badhaye, Aatmvishwas Badhane Ke Upay

इस पोस्ट में सेल्फ कॉन्फिडेंस संबंधित सुझाव दिये गये है और इसमें हमने सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाने के तरीके पर भी चर्चा की है, बहुत सारे बंधु इंटरनेट पर आत्मविश्वास कैसे बढ़ाये, आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय व तरीके ढूंढते रहते है।

सदैव सकारात्मक व्यक्तियों के संपर्क में रहे

जी हां, यह बात बिल्कुल सत्य है कि सकारात्मक व्यक्तियों के सम्पर्क में आने से कॉन्फिडेंस लेवल में तुरंत वृद्धि अनुभव होती है, सकारात्मक व्यक्ति अच्छे विचारों से भरे रहते है, इस प्रकार के लोग सदा जीवन के ऊंचे लक्ष्यों को पूरा करने में तत्पर रहते है; इसके विपरीत नकारात्मक लोगों के बुरे कार्यों का प्रभाव सकारात्मक लोगों के आचरण पर कोई असर नहीं डालता है। 

जिन व्यक्तियों का कॉन्फिडेंस बहुत कम होता है अथवा स्थिर नहीं रहता है ऐसे लोगो को अपना फ्रेंड सर्किल बदल लेने की आवश्यकता है, और नये सकारात्मक विचारधारा वाले मित्रों से संबंध स्थापित करने की जरूरत होती है। कोशिश करें कि नेगेटिव विचार वालों से दूरी बनाये रखें और विद्वान लोगों का संग करने में तनिक भी देर न करे। गुणवान लोगों के पास एक दूरदर्शिता होती है, वे लोग अपने वर्तमान कार्यों को बेस्ट तरीके से करते है ताकि भविष्य को श्रेष्ठ बनाया जा सके। इसलिए बुद्धिजीवियों का आत्मविश्वास सभी लोगो को प्रोत्साहित करता है. एक परिश्रमी व्यक्ति, सकारात्मक लोगों से अच्छे गुणों को ग्रहण करता है ताकि जीवन को बेहतर आयाम तक पहुंचाया जा सके।

झूठ बोलने से बचे

वर्तमान सामाजिक व्यवस्था में झूठ धन कमाने तथा सत्ता प्राप्त करने की एक कला बन गई है। छोटे से लेकर बड़े बिजनेस कम्पनी एवं उनके कर्मचारी अधिक धन कमाने के लिए विभिन्न प्रकार के झूठ बोलते है. झूठी पॉलिसी, झूठे वादे एवं समाज में झूठे संबंध स्थापित करते है।

झूठे व्यक्ति को हमेशा यह भय रहता है कि कहीं उसका झूठ पकड़ा न जाये इसलिए वह व्यक्ति हमेशा डरा हुआ रहता है. इसी कारण उसका आत्मविश्वास(कॉन्फिडेंस) भी कम स्तर पर रहता है।

झूठ मनुष्य के स्वभाव में होता है, इसलिए दुनिया का प्रत्येक व्यक्ति कभी न कभी झूठ बोलता ही है; किन्तु व्यक्ति को मात्र उतना ही झूठ बोलना चाहिए जिससे किसी का नुकसान न हो। ज्यादा बड़ा झूठ दूसरो को मानसिक, स्वास्थ्य अथवा आर्थिक हानि पहुंचा सकता है; झूठ बोलने वाले व्यक्ति का आत्मविश्वास निम्न स्तर पर होता है अथवा तात्कालिक(Temporary) स्वभाव का होता है। झूठा व्यक्ति एक झूठ को छुपाने के लिए हजारों झूठ बोलता है, इस कारण वह व्यक्ति परिवार एवं समाज में अपनी विश्वविनयता खो देता है. झूठे व्यक्ति पर कोई भी विश्वास नहीं करता है, न ही ऐसे व्यक्ति की कोई सहायता करता है। फलस्वरूप झूठे व्यक्ति के भीतर ईर्ष्या, चिड़चिड़ापन और क्रोध की भावना उत्पन्न हो जाती है जिससे वह व्यक्ति अपने आत्मविश्वास को खोने लगता है। इसलिए मनुष्य को सदैव अपने जीवन में सत्य मार्ग को धारण करना चाहिए।

प्रतिदिन योग करें

योग मनुष्य को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है. योग विज्ञान के द्वारा व्यक्ति के सभी क्लेश नष्ट हो जाते है, फलस्वरूप मनुष्य कॉन्फिडेंस से परिपूर्ण बना रहता है। योग करने वाले व्यक्ति के चरित्र में उसका आत्मविश्वास प्रत्यक्ष रूप से दिखाई पड़ता है, लोग ऐसे व्यक्ति की तरह प्रभावित होते है। 

योग करने से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर में वृद्धि होती है एवं रक्त संचार सुचारू रूप से सभी अंगों को प्राप्त होता है। इसलिए शरीर सदैव स्वस्थ बना रहता है, स्वस्थ शरीर में शांति व आनंद का निवास होता है. इसलिए व्यक्ति को किसी प्रकार का भय एवं कष्ट नहीं होता जिससे  कॉन्फिडेंस भी सही स्तर पर बना रहता है। जो व्यक्ति गलत कृत्य करते है उनके जीवन में डर के बादल सदैव छाये रहते है, परंतु योग करने वाले व्यक्ति को मन, बुद्धि एवं मस्तिष्क हमेशा संतुलन में रहते है जिससे उसकी विचारशक्ती भी सही कार्य की तरह आकर्षित रहती है, और वह व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहता है। 

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अपने लक्ष्य को पूरा करने का प्रयत्न करें

अधूरे व अपूर्ण कार्य मनुष्य के जीवन में दुःख लाते है, जिससे व्यक्ति के कॉन्फिडेंस में कमी आ जाती है। जो व्यक्ति असफलता का निरंतर सामना करते है उन व्यक्तियों के आत्मविश्वास में भारी गिरावट देखने को मिलती है. ऐसे व्यक्ति सदैव निराश व हत्तोसाहित रहते है। 

आत्मविश्वास में कमी का एक बड़ा कारण लक्ष्यों प्राप्ति में असफल होना है. अधिकतर लोग आलस्य व मौज मस्ती के कारण सही प्रकार से परिश्रम नहीं करते जिस कारण उन्हें फेलियर का मुँह देखना पड़ता है। प्रमाद की स्थिति से किसी भी लक्ष्य में सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती है; जो लोग निरंतर बुद्धिमानी से किसी लक्ष्य को पूर्ण करने की दिशा में सतत प्रयास करते है, ऐसे व्यक्तियों को सदैव सफलता प्राप्त होती है. फलस्वरूप व्यक्ति का कॉन्फिडेंस स्वयं ही बढ़ जाता है। 

अपने जीवन के छोटे-मोटे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक समय सीमा निर्धारित करें एवं साथ में सही दिशा में परिश्रम भी होना चाहिए; मन भटकाने वाली फालतू की क्रियाओं से बचें एवं अपने कार्य में निपुणता लाने का सतत प्रयास करते रहे। अंत में व्यक्ति को सफलता प्राप्त हो जाती है, हालांकि सभी लक्ष्य प्राप्त होना तो संभव नहीं, परंतु सही प्रयास एवं पुरुषार्थ से अधिकतर लक्ष्य पूर्ण हो ही जाते है और व्यक्ति का कॉन्फिडेंस उच्च स्तर पर बना रहता है।

सही कैरियर का चुनाव करें

लोगों के जीवन में कम कॉन्फिडेंस का एक बड़ा कारण गलत कैरियर का चुनाव होता है. अधिकतर युवाओं को पता ही नहीं होता की उन्हें कौन से पेशे को अपना करियर बनाना है, अथवा अधिक धन कमाने के लालच में लोग गलत धंधे को अपना रोजगार बना लेते है। परिणाम यह होता है कि कार्य करने में रूचि का अभाव रहता है, जिससे काम करने में पूर्णता नहीं रहती है और व्यक्ति के कॉन्फिडेंस में कमी आ जाती है।

अपनी पसंद का काम व्यक्ति को संतुष्टि प्रदान करता है, जो लोग रूचि के अनुसार करियर को सेलेक्ट करते है उनके कार्यशैली में परफेक्शन होता है एवं ऐसे लोग पर्याप्त धन भी कमाते है जिससे उन व्यक्तियों में सामान्य व्यक्तियों से अधिक कॉन्फिडेंस देखने को मिलता है। 

जो लोग अपनी पसंद का पेशा करते है वह खुशी से भरे रहते है न तो उन्हें कार्य करने में आलस्य आता है न ही वह व्यक्ति कामचोरी करते है, ऐसे लोग परिश्रमी एवं खुशहाल होते है। सही कैरियर चुनाव वाला व्यक्ति अपने कार्य क्षेत्र की टॉप ऊंचाइयों तक पहुँच जाता है एवं दूसरे व्यक्ति भी ऐसे लोगों की प्रशंसा व अनुसरण करते है।  

निराश व्यक्तियों से सदैव दूर रहें

निराश व हताश व्यक्ति स्वयं तो नकारात्मक विचारधारा के होते ही, बल्कि दूसरे लोगों के कॉन्फिडेंस को कम करने का प्रयास भी करते है। वास्तव में जो लोग आलस्य एवं सही ढंग से परिश्रम न करने के कारण जीवन में असफलता को प्राप्त करते है उन व्यक्तियों का आत्मविश्वास सबसे कम स्तर का पाया जाता है; निराश व्यक्ति हमेशा काल्पनिक सपनो की दुनिया में खोया रहता है, परंतु पुरुषार्थ करने से सदैव जी चुराता है। 

हताश व्यक्ति नहीं चाहता कि दूसरा व्यक्ति सफलता को प्राप्त कर खुशहाली भरा जीवन व्यतीत करे, वह चाहता है कि अन्य व्यक्ति भी उसी की तरह दुखी रहे। इसलिए निराश व्यक्तियों से सदैव दूरी बनाकर रखना चाहिए, निराश आदमी कॉन्फिडेंस को तुरंत ही कम करने की क्षमता रखता है. वह आपके आत्मविश्वास को अपनी नकारात्मक विचारों द्वारा नीचे गिरा देता है। निराशा भरा जीवन जीने वाले लोग सभी व्यक्तियों को अपनी तरह बनाने का प्रयास करते है, ऐसे लोग ईर्ष्यालु स्वभाव के बन जाते है और दूसरी की सफलता से चिढ़ते भी है। इसलिए कॉन्फिडेंस लेवल को अच्छा रखने के लिए सदैव निराश अथवा हताश लोगों से दूर रहने में ही समझदारी होती है, और अच्छे कार्यों के प्रति प्रेरित करने वालों का संग करना उचित है।

सफल लोगों का अनुसरण करें

कॉन्फिडेंस को हाई रखने का अन्य तरीका सफल लोगों का अनुसरण करना है; जिन लोगों ने अपने परिश्रम व ज्ञान के आधार पर समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त करी है ऐसे लोगों के विचारों एवं कार्य शैली का सतत रूप से अपने जीवन में ग्रहण करने से आत्मविश्वास में वृद्धि हो जाती है। फलस्वरूप मस्तिष्क में अच्छे विचारों का आगमन उत्पन्न होता है और सभी प्रकार के कार्य करने में रुचि पैदा होती है। इतिहास सफल लोगों की गाथाओं से भरा पड़ा है, आप अपने विचारों के अनुसार अपने नायक चुन ले और उनके विषय में पढ़े; निरन्तर अध्ययन के कुछ माह पश्चात ही आप अपने विचारों में सकारात्मक बदलाव अनुभव करेंगे, यह पद्धति आपके मस्तिष्क के लिए कॉन्फिडेंस बूस्टर का कार्य करता है। 

विचार हमारे व्यक्ति का निर्माण करते है, यह हम पर निर्भर करता है कि हम अच्छे विचारों को ग्रहण करें अथवा बुरे विचारों को। जैसा आप देखते है, सोचते है और करते है परिणाम उसी के अनुसार प्राप्त होता है। 

बुरे व्यक्तियों का अनुसरण करने से बुरे विचारों का जन्म होता है जिससे व्यक्ति का आचरण भी असभ्य हो जाता है। इसके विपरीत बुद्धिमान एवं विद्वान लोगों की संगति से महान विचारों का जन्म होता है, जिससे व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और व्यक्ति श्रेष्ठता की ऊंचाइयों को छूता चला जाता है।

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