भारतीय सविधान ( constitution of india )

भारतीय सविधान (indian constitution in hindi ) का संक्षप्ति वर्णन

बंगाल पर ब्रिटिश ईस्ट इंड़िया कम्पनी ( british east india company ) का शासन

  • पलासी ( battle of plassey ) की लड़ाई 1757 व 1764 ईं के बक्सर के युद्ध के बाद बंगाल पर कम्पनी का शिकंजा।

रेग्यूलेटिंग एक्ट 1773 –

  • कंपनी के शासन पर संसदीय नियन्त्रण स्थापित।
  • पहली बार कम्पनी के प्रशासनिक व राजनैतिक कार्यो को मान्यता प्रपात।
  • केन्द्रीय प्रशासन की शुरूआत।
  • बंगाल के गवर्नर को बंगाल का गवर्नर जेनरल का पद प्रपात।
  • प्रथम गवर्नर जेनरल लार्ड़ वारेन हेस्टिंग (lord warren hastings) थे।
  • 1774 ईं कलकत्ता में उच्चतम न्यायलय की स्थापना, प्रथम जज सर एलिजाह इम्पे।

चार्टर अधिनियम 1873 ईं –

  • कम्पनी के अधिकार पूर्णतः सम्पात कर कम्पनी के अधीन कर दिया।
  • बंगाल के गवर्नर जेनरल को भारत गवर्नर जेनरल बना दिया।

चार्टर अधिनियम 1858 –

  • भारत का शासन कम्पनी से लेकर ब्रिटिश क्राउन के अधीन ।
  • भारतीय मामलों में ब्रिटिश संसद का सीधा नियंत्रण स्थापित।
  • मुगल पद को समाप्त कर दिया।
  • भारत के गवर्नर जनरल का नाम बदलकर वायसराय कर दिया गया।

शाही उपाधि अधिनियम – 1876

 

  • महारानी विक्टोरिया को भारत की सम्राज्ञी घोषित।

     

भारत शासन अधिनियम -1909 ( मार्ले मिन्टो सुधार )

 

  • पहली बार मुस्लिम समुदाय के लिए पृथक निर्वाचन प्रतिनिधित्व स्थापित।
  • लार्ड मिन्टो को साम्प्रदायिक निर्वाचन का जनक  कहा गया।

 

भारत शासन अधिनियम – 1919 ( माण्टेग्यू चेम्सफोर्ड सुधार )

 

  • केन्द्र में दिव्सदनात्मक विधायिका की स्थापना ( राज्य परिष्द व विधान सभा )
  • भारत में पहली बार महिलाओं को वोट देने का अधिकार।

 

1935 ईं भारत शासन अधिनियम ( bharat shasan adhiniyam 1935 )

 

  • अखिल भारतीय संघ, प्रांतीय स्वायत्तता, केन्द्र में द्वैध शासन, संघीय न्यायलय, ब्रिटिश संसद की सर्वोच्चता, भारत परिष्द का अन्त, साम्प्रदायिक निर्वाचन पद्धति का विस्तार
  • बर्मा को भारत से अलग कर दिया।

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भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम – 1947

 

  • 4 जुलाई 1947 को ब्रिटिश संसद में यह अधिनियम प्रस्तावित हुआ।
  • 15 अगस्त 1947 को दो अधिराज्यों ( भारत व पाकिस्तान ) की स्थापना।
  • देशी रियासतो पर ब्रिटेन की सर्वोपरिता का अन्त।

भारतीय सविधान सभा ( Constituent Assembly of India )

गठन – 1946, कैबिनेट मिशन की संस्तुतियों पर।

प्रथम बैठक – 9 दिस्मबर 1946 को नईं दिल्ली में। डॉ सच्चिदान्नद सिन्हा को बैठक का अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

11 दिस्मबर 1946 को डॉ राजेन्द्र प्रसाद सभा के स्थायी सदस्य नियुक्त।

सविधान का प्रारूप बी एन राव द्वारा तैयार किया गया तथा डॉ अम्बेडकर को इसका अध्यक्ष बनाया गया।

सविधान सभा की प्रमुख समितियाँ एवं उनके अध्यक्ष

संचालन समिति – डॉ राजेन्द्र प्रसाद

प्रारुप समिति –डॉ भीमराव अम्बेडकर

संघ सविधान समिति, संघ शक्ति समिति – पंण्डित जवाहार लाल नेहरू

प्रांतीय सविधान समिति – सरदार बल्बभ भाई पटेल

सविधान निर्माण प्रकिया में कुल समय – 2 वर्ष 11 महीना व 18 दिन ।

सविधान पारित

  • 26 नवम्बर 1949 को ( 22 भाग, 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियाँ )
  • वर्तमान में 12 अनुसूचियाँ हैं।
  • 26 जनवरी 1950 ई को पूर्णतः पारित।
  • सविधान की अंतिम बैठक – 24 जनवरी 1950, डॉ राजेन्द्र प्रसाद को राष्ट्रपति चुना गया।

कैबिनेट मिशन सदस्य – सर स्टेफोर्ड क्रिप्स, लॉर्ड पेंथिक लारेंस, ए बी एलेक्जेण्डर

26 जुलाई 1947 – पाकिस्तान के लिए पृथक सविधान सभा की घोषणा।


भारतीय सविधान के विदेशी स्त्रोत ( sources of Indian constitution)

संयुक्त राज्य अमेरिका – मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, सविधान की सर्वोच्चता, नय्यापालिका की स्वतन्त्रता, राष्ट्रपति महाभियोग, उपराष्ट्रपति व मुख्य न्याधीश को हटाने की प्रक्रिया, वित्तीय आपात।

आयरलैंड़ – नीति निर्देशक सिद्धान्त।

आस्ट्रेलिया –  प्रस्तावना की भाषा, केन्द्र व राज्य शक्ति विभाजन, समवर्ती सूची प्रावधान।

ब्रिटेन – एकल नागरिकता, संसदात्मक प्रणाली, विधि निर्माण।

कनाड़ा –  संघात्मक विशेषताएँ, राज्यपाल नियुक्ति।

दक्षिण अफ्रीका – सविधान संशोधन

जर्मनी –  आपातकाल।

रूस –  मौलिक कर्तव्य, planning commission.

जापान –  विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया।


भारतीय सविधान अनुसूची (schedule of constitution of India)

प्रथम अनुसूची – भारतीय संघ के घटक राज्य ( 28 राज्य ) व संघ शासित (सात ) क्षेत्र।

द्वितीय अनुसूची – राष्ट्रपति, राज्यपाल, लोकसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, राज्यसभा सभापति व उपसभापति, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व विधानपरिषद के सभापति, उपसभापति आदि को प्राप्त वेतन व भत्ते के उल्लेख।

तृतीय अनुसूची – विभिन्न पदाधिकारी जैसे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल आदि के पद ग्रहण की शपथ का उल्लेख।

चौथी अनुसूची – राज्यों व संघीय क्षेत्रों की राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का विवरण।

पाँचवी अनुसूची – अनुसूचित क्षेत्रों और जनजाति के प्रशासन और नियन्त्रण का उल्लेख।

छठी अनुसूची – असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम राज्यो के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के प्रवधान।

सातवी अनुसूची – केन्द्र व राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन।

  • संघ सूची – केन्द्र सरकार कानून बनाती हैं, 97 विषय।
  • राज्य सूची – राज्य सरकार कानून बनाती हैं। राष्ट्रहित से संबधित होने पर केन्द्र सरकार भी बना सकती हैं। 66 विषय हैं।
  • समवर्ती सूची – केन्द्र व राज्य दोनो सरकार कानून बना सकती हैं, कानून समानता होने पर केन्द्र सरकार का कानून को प्राथमिकता व मान्यता दी जायेगी। विषय – 47

आठवी अनुसूची – भारत की 22 भाषाओं का उल्लेख किया गया हैं। मूल रूप से 14 भाषाएँ थी, 1967 में सिंधी, 1992 में कोंकणी, मणिपुरी व नेपाली शामिल। मैथिली, संथाली, डोगरी व बोडो को 92 संशोधन 2003 के अन्तर्गत शामिल किया।

नौवी अनुसूची – यह प्रथम सविधान संशोधन 1951 के तहत जोड़ी गयी। राज्ज द्वारा सम्पति के अधिग्रहण की विधियों का उल्लेख। इसके विषयों को न्यायालय में चुनौंती नहीं दी जा सकती।

दसवीं अनुसूची – 52 वें संशोधन 1985 के द्वारा जोड़ी गई, दल-बदल से संबंधित प्रावधानो को उल्लेख।

ग्यारहवीं अनुसूची – 73 वें सेंशोधन 1993 द्वारा जोडी गई, पंचायतीराज संस्थाओं (29 विषय) का उल्लेख।

बारहवीं अनुसूची – 74 वे संशोधन 1993 के द्वारा जोड़ी गई। शहरी क्षेत्र के स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कार्य करने के लिए। कुल विषय – 18


राज्यों का पुनर्गठन – 1956 (Reorganization of state)

भाषा के आधार पर गठित पहला राज्य – आन्ध्र प्रदेश ( 1953)

नागा आन्दोलन के कारण 1963 को नागालैंड़ राज्य का निर्माण।

1 नवम्बर 1966 में पंजाब व हरियाणा राज्यो को निर्माण।

25 जनवरी, 1971 हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा।

मणिपुर, त्रिपुरा व मेघालय को 21 जनवरी 1972 को पूर्ण राज्य का दर्जा।

सिक्किम को 26 अप्रैल 1975 को निर्माण।

मिजोरम व अरूणाचल प्रदेश को 20 फरवरी 1987 को पूर्ण राज्य का दर्जा।

गोवा को 30 मई 1987 राज्य का दर्जा।

1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़, 9 नवम्बर 2000 उत्तराखंड़, 15 नवम्बर 2000 को झारखंड राज्य, 2 जून 2014 को तेलंगना राज्य का निर्माण।

 

 

 

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